संस्था को विगत 54 वर्षों में अनेक मानांकन तथा नामांकन प्राप्त हुए. विगत 54 वर्षो का यह सफर जहां एक ओर आधुनिकताकता की चुनौतियों भरा रहा तो दुसरी ओर खादी के विभिन्न उत्पाद के द्वारा खादी का यह उत्पादन केवल खादी तक ना सिमित रहकर अनेकानेक उत्पादनों के स्वरुप में खादी के प्रेमियों की मांग पूरी कर रहा है.

विगत 54 सालों में संस्था को कई राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कारों से सन्मानित किया गया. तथा संस्था ने उत्पादन के मानकीकरण को भी प्राप्त किया. प्रस्तुत है कुछ झलकियां…


जिला के पालक मंत्री तथा सार्वजनिक बांधकाम मंत्री, सन्माननीय अशोकरावजी चव्हाण, इन्होंने दिनांक 16 अगस्त 2021 को संस्था को भेंट देकर राष्ट्रध्वज निर्मिती की जानकारी ली. उस वक्त उनके साथ संस्था के माननीय सचिव श्री ईश्वररावजी भोसीकर, संचालक डॉ श्री हंसराजजी वैद्य, संचालक श्री महाबलेश्वर मठपती, ध्वज निर्मिती केंद्र के प्रमुख श्री सुरेश जोशी, कांग्रेस के जिला सचिव श्री संजय भोसीकर एवं पत्रकार बंधु उपस्थित थे.


जिला के माननीय पालक मंत्री तथा सार्वजनिक बांधकाम मंत्री सन्माननीय अशोकरावजी चव्हाण,, संस्था के केंद्रीय वस्त्रागार की जानकारी लेते हुए. साथ में संस्था के माननीय सचिव श्री ईश्वररावजी भोसीकर, संचालक डॉ श्री हंसराजजी वैद्य, संचालक श्री महाबलेश्वर मठपती तथा अन्य वार्ताहर.


संस्था का उत्पादन प्रोसेसनुसार एवं लिखित हिसाब (Record) अद्ययावत रखाव के लिए तथा अन्य गतिविधीयां(Activity) सुचारु रुप से रखने हेतू, भारतीय मानक ब्युरो, Beauro of Indian Standards द्वारा गुणवत्ता प्रबंधन पध्दति प्रमाणन लायसन्स याने License for the Quality Management Systems Certification, IS/ISO9001:2008, मराठवाडा खादी ग्रामोद्योग समिती को उत्पादनों के निर्मिती के गुणवत्ता हेतू ISO प्रमाणपत्र दिया गया.




देश के विभिन्न संस्थाओं में खादी उत्पादन का कार्य जारी है. जो संस्था खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा रजिस्टर्ड है. उसे प्रमाणित संस्था कहा जाता है. पिछले कुछ सालों से खादी का नाम लेकर कई विक्री भांडार खुलवाएं है जो कि प्रमाणित नहीं है. इसी कारण प्रमाणित खादी संस्थाओं के विक्री पर सीधा परिणाम होता है. इसे देखते हुए खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने सभी प्रमाणित खादी संस्थाओं को खादी मार्क का प्रमाणपत्र आवंटित किया गया. यह प्रमाणपत्र खादी कि शुध्दता होने का पहचान दर्शाती है.


मराठवाड़ा खादी ग्रामोद्योग समिति, जिसका प्रधान कार्यालय, डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद रोड नांदेड यहां स्थित है. संस्था को नवंबर 2007 में सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के खादी ग्रामोद्योग आयोग द्वारा स्र्फूर्ति योजना में 5 साल के लिए, SFURTI योजना दी गई थी. उन 5 सालों में यंत्र सामग्री खरीद कर, नई तकनीकी माध्यम से तथा कारीगर एवं कर्मचारियों को बुनकर, डाइंग, ब्लीचिंग, मार्केटिंग आदि प्रशिक्षण देने के पश्चात उत्पादन तथा बिक्री में बढ़ोतरी हुई.
कारीगर की मजदूरी बढी और संस्था का मुनाफा भी बढा. इसकी टिप्पणी खादी ग्रामोद्योग ने लेकर सन 2012 का देश का सर्वश्रेष्ठ स्र्फूर्ति क्लस्टर खादी राष्ट्रीय पुरस्कार, माननीय राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी इन के कर कमलों द्वारा तथा श्री मुनीअप्पा, मंत्री, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार तथा खादी और ग्रामोद्योग के चेयरमैन श्री देवेंद्रभाई देसाई के उपस्थिति में, संस्था के सचिव श्री ईश्वरराव भोसीकरजी को प्रदान किया गया. संस्था के लिए यह बड़े अभिमान की बात है


संस्था में खादी और ग्रामोद्योग आयोग (सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार) द्वारा 2007 से 2012 इस कालावधि में स्र्फूर्ति योजना चलाई गई. इस योजना को यशस्वी करने से प्रभावित होकर खादी आयोग ने 2013-14 का संस्था राष्ट्रीय पुरस्कार देकर संस्थाओं को गौरवान्वित किया.
यह पुरस्कार लुधियाना में माननीय प्रधानमंत्री के उपस्थिति में माननीय कलराज मिश्र मंत्री MSME तथा माननीय गिरिराज सिंह जी राज्यमंत्री MSME के कर कमलों द्वारा संस्था के सचिव श्री ईश्वररावजी भोसीकर को प्रदान किया गया. यह दूसरा पुरस्कार संस्था को मिलने से न केवल नया उत्पादन, साथ ही उत्पाद किये उत्पादनों कि बिक्री बढ़ाने में संस्था अग्रेसर हुई.


संस्था का कारीगर राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित

संस्था के खादी कार्यालय, उदगीर के अंतर्गत सूत कताई केंद्र हाडोळती में, 2000 से 2015 तक सूत कताई का काम करने वाली कारीगर बानोबी जिलानी को खादी ग्रामोद्योग आयोग (सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय), द्वारा उत्कृष्ट खादी कतीन, पश्चिमी क्षेत्र का पुरस्कार, नई दिल्ली मैं दिया गया.
दिनांक 28 अगस्त 2009 को संपन्न हुए इस पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री माननीय मनमोहन सिंह जी इन के अध्यक्षता में, केंद्रीय मंत्री दिनशा पटेल (सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार) तथा खादी ग्रामोद्योग के चेयरमैन श्रीमती कुमुदबेन जोशी के कर कमलों द्वारा यह उत्कृष्ट खादी कतीन राष्ट्रीय पुरस्कार 2009 में प्रदान किया गया.
संस्था की यह कारागीर देश में 2008-2009 के कालावधी में सबसे ज्यादा मजदूरी मिलने पर, इस पुरस्कार से नवाजी गयी. हमारे संस्था के इस कारीगर को यह राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने से हमें अत्यंत अभिमान महसूस होता है