
मराठवाडा खादी ग्रामोद्योग समिती स्थापित होने से पहले, हैद्राबाद खादी समिती में सम्मिलीत थी. स्वतंत्रता सेनानी स्वामी रामानंद तिर्थ और पद्मविभूषण गोविंदभाई श्रॉफ ने 1967 में हैद्राबाद खादी समिती से अलग होकर मराठवाडा खादी ग्रामोद्योग समिती, नांदेड ईस नाम से रजिस्टर करवा लिया. इन्ही के मार्गदर्शन में मराठवाडा मे संस्था का विस्तार होता रहा. उन्होनें अपना पुरा जीवन खादी के प्रचार एवं प्रसार, एवं समाजोत्थान में बिताया. इनका शुभाशिष हमेशा संस्थापर रहा है. संस्था उन्ही के मार्गदर्शन से अपना कार्य संपूर्ण निष्ठा के साथ निरंतर कर रही है, इन स्वतंत्रता सेनानीयों के प्रति हम अपनी भावनांजली प्रकट करते हुए उन्हे प्रणाम करते है.
स्वागत है… आपका हार्दिक स्वागत है…
1967, से हमारे इस संस्थान ने देशभर के खादी प्रेमियों के विभिन्न मांगो को पुरा किया है. हमारे द्वारा निर्मित राष्ट्रध्वज आज देश के कोने कोने में पहुंच चुका है. आईये, खादी प्रेमियों को समर्पित विगत 54 वर्षों का यह अनुभव आपका स्वागत करता है.
हमारे बुनकर, कारीगर, शिल्पकार और किसानों द्वारा बनाए गए ईकोफ्रेंड्ली और ऑथेंटिक खादी और पारंपरिक ग्राम उद्योग उत्पाद हमेशा से भारत के लोगों के दिल के करीब बने हुए हैं। पिछले कुछ महीनों से कोरोना की चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार एक ईकोसिस्टम बनाने के लिए कड़ा प्रयास कर रही हैं और देश को डिजिटल इंडिया और “आत्मनिर्भर भारत” की ओर ले जा सकते हैं। हमारी यह वेबसाइट उसी प्रयास के जानकारी हेतू, तथा भविष्य में ऑनलाईन खरेदी तथा बिक्री हेतू किया जा रहा अनुपम प्रयास है.
आशा है, आपको यह निश्चित ही रोचक लगेगा.
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