आज की तारीख में संस्था के चार प्रमुख उत्पादन केंद्र कंधार, औसा, उदगीर एवं अक्कलकोट हैं.

कंधार, जि. नांदेड
कंधार में दरी आसन, आसनपट्टी, कलर शर्टिंग, तथा टॉवेल का उत्पादन होता है. यहां 50 सूत कातनेवाले तथा 15 बुनकर कारीगर है. यहां 2019-20 का वार्षिक उत्पादन रु 30लक्ष का हुआ है.

औसा, जि. लातूर
औसा में 100 काउंट की मस्लीन सूत कताई होती है. यहां 75 सूत कातनेवाले तथा 20 बुनकर कारीगर है. यहां मस्लीन शर्टिंग का उत्पादन होता है. यहां का 2019-20 का वार्षिक उत्पादन रु. 20लक्ष का हुआ है.

उदगीर, जि. लातूर
उदगीर में, संस्था की अपनी 2 एकड़ जगह है. यहां राष्ट्रध्वज की खादी का निर्माण होता है. यहां 12 स्पिंडल के 30 चरखा तथा 10 सोलर चरखा चालू है. इसके अंतर्गत अहमदपुर के गांव तथा हाडोलती में सूत कताई चरखा चालू है. यहां 25 बुनाई कारीगर काम करते हैं. यहां का वार्षिक खादी उत्पादन रु. 83लाख का है.

अक्कलकोट, जि. सोलापूर
अक्कलकोट, मराठवाड़ा के बाहर अक्कलकोट में संस्था का चौथा प्रमुख उत्पादन केंद्र हैं. पूरे संस्था में मस्लीन शर्टिंग, साड़ी, पॉलीवस्त्र खादी का उत्पादन होता है. इसके मैंदर्गी, बागदरी तथा सलगर उपकेंद्र है. यहां कताई एवं बुनाई का काम होता है. यहां लगभग 100 कारीगर काम करते हैं. यहां खादी का रु.82लाख का तथा पॉलीवस्त्र का रु25लाख का उत्पादन होता है.

भारत देश डिजिटल की ओर बढ़ रहा है. इसी कारण हमारे यहां कारागीर की मजदूरी ऑनलाइन पेमेंट द्वारा दी जाती है. साथ ही, हर तीन माह को एमडीए बोनस तथा हर 3 साल को जमा किया का. कोष बैंक द्वारा दिया जाता है. कारीगरों को बैठने के लिए आसन दिए जाते हैं. कर्मचारियों को वेतन के अलावा, प्रो निधि एक माह का बोनस, मेडिकल एलाउंस तथा हर तीन माह को एमडीए बोनस दिया जाता है.